अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
पूर्णिया के मखाने की विदेशों में बढ़ी पहचान, ग्रीस पहुंची एक टन की खेप; किसानों को बेहतर बाजार की उम्मीदबिहार में 2,996 स्कूलों के नए भवन बनेंगे, 16,440 कक्षाओं के निर्माण की योजनाभारत में AI नेटवर्क बनाने के लिए Tata Communications का बड़ा निवेश, 10 हजार किलोमीटर तक बिछेगी नई फाइबर नेटवर्क लाइन1 नवंबर से बदलेंगे GST के नियम, कारोबारियों को पोस्ट-सेल डिस्काउंट और टैक्स रिफंड में मिल सकती है राहतPatna MLC Results 2026 Live: एमएलसी चुनाव की हॉट सीट के लिए अनंत सिंह और नीरज कुमार के आवास पर तेज सरगर्मी, नतीजे थोड़ी देर में आने की उम्मीदBihar MLC Election Result LIVE: बिहार की 8 MLC सीटों पर काउंटिंग जारी; नतीजों से पहले अनंत सिंह के घर बंटनेBihar MLC Election Result: बांकीपुर मतगणना केंद्र पर बैलेट बॉक्स खुलते ही हंगामा, CCTV को लेकर संजीव सिंह न...Gaya News: रात के अंधेरे में ट्रांसफार्मर खोल रहे थे 2 युवक, अचानक बिजली का झटका लगने से एक की मौतMLC Election Results 2026 Live: काउंटिंग के दौरान टूटा मिला मतपेटी का सील, गोरखपुर में हंगामा, पटना में फाइल पर बवालबिहार विधान परिषद चुनाव: विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतगणना जारी,अनंत सिंह के घर में भारी इंतजामJDU समाप्त हो जाएगी; राघोपुर में तेजस्वी बोले- नीतीश कुमार को लेकर जो भविष्यवाणी की थी, अब वही सच हो रही हैपूर्णिया के मखाने की विदेशों में बढ़ी पहचान, ग्रीस पहुंची एक टन की खेप; किसानों को बेहतर बाजार की उम्मीदबिहार में 2,996 स्कूलों के नए भवन बनेंगे, 16,440 कक्षाओं के निर्माण की योजनाभारत में AI नेटवर्क बनाने के लिए Tata Communications का बड़ा निवेश, 10 हजार किलोमीटर तक बिछेगी नई फाइबर नेटवर्क लाइन1 नवंबर से बदलेंगे GST के नियम, कारोबारियों को पोस्ट-सेल डिस्काउंट और टैक्स रिफंड में मिल सकती है राहतPatna MLC Results 2026 Live: एमएलसी चुनाव की हॉट सीट के लिए अनंत सिंह और नीरज कुमार के आवास पर तेज सरगर्मी, नतीजे थोड़ी देर में आने की उम्मीदBihar MLC Election Result LIVE: बिहार की 8 MLC सीटों पर काउंटिंग जारी; नतीजों से पहले अनंत सिंह के घर बंटनेBihar MLC Election Result: बांकीपुर मतगणना केंद्र पर बैलेट बॉक्स खुलते ही हंगामा, CCTV को लेकर संजीव सिंह न...Gaya News: रात के अंधेरे में ट्रांसफार्मर खोल रहे थे 2 युवक, अचानक बिजली का झटका लगने से एक की मौतMLC Election Results 2026 Live: काउंटिंग के दौरान टूटा मिला मतपेटी का सील, गोरखपुर में हंगामा, पटना में फाइल पर बवालबिहार विधान परिषद चुनाव: विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतगणना जारी,अनंत सिंह के घर में भारी इंतजामJDU समाप्त हो जाएगी; राघोपुर में तेजस्वी बोले- नीतीश कुमार को लेकर जो भविष्यवाणी की थी, अब वही सच हो रही है

Article Advertisement

Technology

eMudhra के साइबर सुरक्षा संकट के बीच Google Chrome का बड़ा कदम, आज से प्रभावित वेबसाइटों पर दिख सकती है चेतावनी

नई दिल्ली। भारत की डिजिटल सुरक्षा कंपनी eMudhra से जुड़े डिजिटल सर्टिफिकेट में सुरक्षा खामी सामने आने के बाद वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों ने कदम उठाए हैं।…

eMudhra के साइबर सुरक्षा संकट के बीच Google Chrome का बड़ा कदम, आज से प्रभावित वेबसाइटों पर दिख सकती है चेतावनी

Article Advertisement

नई दिल्ली। भारत की डिजिटल सुरक्षा कंपनी eMudhra से जुड़े डिजिटल सर्टिफिकेट में सुरक्षा खामी सामने आने के बाद वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों ने कदम उठाए हैं। Google, Mozilla, Apple और Microsoft ने प्रभावित सर्टिफिकेट की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की है। अब Google Chrome के ट्रस्ट सिस्टम में एक संबंधित रूट सर्टिफिकेट हटाने की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2026 से लागू होने की निर्धारित तारीख पर पहुंच गई है। इससे कुछ वेबसाइटों और ऑनलाइन सेवाओं के कनेक्शन पर असर पड़ सकता है।

रिपोर्टों के अनुसार, eMudhra के आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट की निजी क्रिप्टोग्राफिक कुंजियों में कमजोरी पाई गई थी। ऐसी कुंजियों का दुरुपयोग होने पर हमलावर नकली डिजिटल सर्टिफिकेट तैयार कर किसी वैध वेबसाइट की पहचान की नकल करने की कोशिश कर सकते हैं। इससे HTTPS कनेक्शन पर भरोसे को खतरा पैदा हो सकता था।

किन वेबसाइटों पर पड़ सकता है असर?

Google ने emSign ECC Root CA-G3 को Chrome के ट्रस्ट स्टोर से हटाने की योजना बनाई है। यदि कोई वेबसाइट इसी सर्टिफिकेट चेन पर निर्भर है और समय रहते वैकल्पिक सर्टिफिकेट नहीं लगाती, तो ब्राउजर उसे अविश्वसनीय मान सकता है। ऐसी स्थिति में उपयोगकर्ता को सुरक्षा चेतावनी मिल सकती है या वेबसाइट खोलने में परेशानी हो सकती है।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि इंटरनेट पर मौजूद सभी eMudhra सर्टिफिकेट वाली वेबसाइटें प्रभावित होंगी। असर संबंधित सर्टिफिकेट और वेबसाइट की तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

वेबसाइट संचालक क्या करें?

वेबसाइट और सर्वर संचालकों को अपने SSL/TLS सर्टिफिकेट की जांच करनी चाहिए। यदि उनकी सर्टिफिकेट चेन प्रभावित है, तो किसी विश्वसनीय और अप्रभावित सर्टिफिकेट अथॉरिटी से नया सर्टिफिकेट लेने और सर्वर पर उसे सही तरीके से स्थापित करने की जरूरत हो सकती है।

आम उपयोगकर्ताओं को Chrome, Firefox और अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखना चाहिए। यदि किसी बैंकिंग या भुगतान वेबसाइट पर सुरक्षा चेतावनी आती है, तो उसे नजरअंदाज करके आगे बढ़ने से बचें।

भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने भी प्रभावित सिस्टम और सर्टिफिकेट की जांच तथा जरूरी सुरक्षा अपडेट लागू करने पर जोर दिया है।

आपकी राय: क्या वेबसाइटों के SSL सर्टिफिकेट की समय-समय पर जांच हर संस्था के लिए अनिवार्य होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read