अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार का चकाई एथेनॉल प्लांट मार्च 2027 तक शुरू होगा : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीMuzaffarpur News: बीआरएबीयू: परीक्षाओं की कतार, रिजल्ट का इंतजारबिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान, 18 जिलों के किसानों को दुर्गा पूजा से...आजतक की खबर का असर: दरभंगा के प्राइमरी स्कूल को शिफ्ट करने का आदेश, अब गोसवा में चलेंगी क्लास'कभी नहीं सोचा था CM और केंद्र में मंत्री बनूंगा', जन्मदिन पर माता-पिता को याद कर रो पड़े जीतन राम मांझी, ब...Bihar Weather Tomorrow: मानसून गया, अब शुष्क हवाओं का असर, बिहार के मौसम में आया बदलाव, जानें IMD अलर्टबिहार और यूपी में बाढ़ से भारी तबाही, कई जिलों में घुसा नदियों का पानीPatna MLC Election: अनंत सिंह के विरोध के बीच नीरज कुमार से मिले नीतीश, बोले- 'अच्छे से लड़ो और जीतो'NASA की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी बिहार की बाढ़, अंतरिक्ष से दिखा 9 दिन में गंडक का बदला हुआ रूप, आखिर क्य...एक करोड़ महिलाएं बनेंगी अब लखपति, 'समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार' योजना के तहत मिलेगा 5-5 लाख का लोनबिहार में कोसी नदी पर तैयार हो रहा देश का सबसे लंबा पुल! जल्द फर्राटा भरेंगी गाड़ियां, मिथिला-सीमांचल का सफर होगा आसानबिहार का चकाई एथेनॉल प्लांट मार्च 2027 तक शुरू होगा : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीMuzaffarpur News: बीआरएबीयू: परीक्षाओं की कतार, रिजल्ट का इंतजारबिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान, 18 जिलों के किसानों को दुर्गा पूजा से...आजतक की खबर का असर: दरभंगा के प्राइमरी स्कूल को शिफ्ट करने का आदेश, अब गोसवा में चलेंगी क्लास'कभी नहीं सोचा था CM और केंद्र में मंत्री बनूंगा', जन्मदिन पर माता-पिता को याद कर रो पड़े जीतन राम मांझी, ब...Bihar Weather Tomorrow: मानसून गया, अब शुष्क हवाओं का असर, बिहार के मौसम में आया बदलाव, जानें IMD अलर्टबिहार और यूपी में बाढ़ से भारी तबाही, कई जिलों में घुसा नदियों का पानीPatna MLC Election: अनंत सिंह के विरोध के बीच नीरज कुमार से मिले नीतीश, बोले- 'अच्छे से लड़ो और जीतो'NASA की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी बिहार की बाढ़, अंतरिक्ष से दिखा 9 दिन में गंडक का बदला हुआ रूप, आखिर क्य...एक करोड़ महिलाएं बनेंगी अब लखपति, 'समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार' योजना के तहत मिलेगा 5-5 लाख का लोनबिहार में कोसी नदी पर तैयार हो रहा देश का सबसे लंबा पुल! जल्द फर्राटा भरेंगी गाड़ियां, मिथिला-सीमांचल का सफर होगा आसान

Article Advertisement

Education

IAS Success Story: ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी ने ऐसे की तैयारी और बन गई आईएएस अफसर, पढ़िए पूरी स्टोरी

IAS Success Story: ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी ने ऐसे की तैयारी और बन गई आईएएस अफसर, पढ़िए पूरी स्टोरी IAS Sweta Agarwal: घर के बच्चे जब बड़े होकर अफसर बनते हैं तो घर का माहौल बदल जाता है. हम आपको एक ऐसी ही सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं. एक ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी आईएएस अफसर बन गई. यह एक और दिल क

IAS Success Story: ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी ने ऐसे की तैयारी और बन गई आईएएस अफसर, पढ़िए पूरी स्टोरी

Article Advertisement

IAS Success Story: ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी ने ऐसे की तैयारी और बन गई आईएएस अफसर, पढ़िए पूरी स्टोरी IAS Sweta Agarwal: घर के बच्चे जब बड़े होकर अफसर बनते हैं तो घर का माहौल बदल जाता है. हम आपको एक ऐसी ही सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं. एक ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी आईएएस अफसर बन गई. यह एक और दिल को छू लेने वाली कहानी है. स्वेता अग्रवाल ने आखिरकार 2015 में यूपीएससी परीक्षा में 19 वीं रैंक हासिल करके आईएएस अफसर बनने के अपने सपने को साकार किया. उनके संघर्ष की कहानी बुनियादी शिक्षा सुविधाओं को हासिल करने से लेकर यूपीएससी परीक्षा 2015 की टॉप 3 महिला टॉपर्स में से एक बनने तक की कई बाधाओं पर काबू पाने से भरी हुई है. वह बताती हैं कि कैसे गरीबी से जूझने के बावजूद, उसके माता-पिता ने उन्हें बेस्ट शिक्षा दी. श्वेता को अपने माता-पिता पर गर्व है और जिस तरह से उन्होंने उन्हें हमेशा समाज की सेवा करने की शिक्षा दी. श्वेता अग्रवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ कॉन्वेंट बैंडेल स्कूल से पूरी की. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्वेता ने सेंट जेवियर्स कॉलेज कोलकाता से इकॉनोमिक्स में ग्रेजुएशन किया. श्वेता अग्रवाल ने पहले भी दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास की थी, लेकिन आईएएस अधिकारी बनने पर उनकी निगाहें टिकी रहीं. स्वेता बंगाल कैडर में शामिल होने पर गर्व महसूस करती हैं और यह भी सोचती हैं कि ज्यादातर युवा सिविल सेवा से दूर रह रहे हैं, यह सोचकर कि उन्हें जनता के बजाय राजनीतिक आकाओं के अधीन काम करने के लिए बनाया जाएगा. अक्सर यह कहा जाता है कि एक मध्यम परिवार की लड़की के लिए माता-पिता के लिए अपने बच्चों के महत्वाकांक्षी सपनों का सपोर्ट करना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन लैंगिक पक्षपात की सभी सीमाओं को पार करते हुए, स्वेता अग्रवाल और उनका परिवार बिना शर्त कड़ी मेहनत और दृढ़ता का एक उदाहरण है. IAS Sweta Agarwal: घर के बच्चे जब बड़े होकर अफसर बनते हैं तो घर का माहौल बदल जाता है. हम आपको एक ऐसी ही सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं. एक ग्रोसरी बेचने वाले की बेटी आईएएस अफसर बन गई. यह एक और दिल को छू लेने वाली कहानी है. स्वेता अग्रवाल ने आखिरकार 2015 में यूपीएससी परीक्षा में 19 वीं रैंक हासिल करके आईएएस अफसर बनने के अपने सपने को साकार किया. उनके संघर्ष की कहानी बुनियादी शिक्षा सुविधाओं को हासिल करने से लेकर यूपीएससी परीक्षा 2015 की टॉप 3 महिला टॉपर्स में से एक बनने तक की कई बाधाओं पर काबू पाने से भरी हुई है. वह बताती हैं कि कैसे गरीबी से जूझने के बावजूद, उसके माता-पिता ने उन्हें बेस्ट शिक्षा दी. श्वेता को अपने माता-पिता पर गर्व है और जिस तरह से उन्होंने उन्हें हमेशा समाज की सेवा करने की शिक्षा दी. श्वेता अग्रवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ कॉन्वेंट बैंडेल स्कूल से पूरी की. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्वेता ने सेंट जेवियर्स कॉलेज कोलकाता से इकॉनोमिक्स में ग्रेजुएशन किया. श्वेता अग्रवाल ने पहले भी दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास की थी, लेकिन आईएएस अधिकारी बनने पर उनकी निगाहें टिकी रहीं. स्वेता बंगाल कैडर में शामिल होने पर गर्व महसूस करती हैं और यह भी सोचती हैं कि ज्यादातर युवा सिविल सेवा से दूर रह रहे हैं, यह सोचकर कि उन्हें जनता के बजाय राजनीतिक आकाओं के अधीन काम करने के लिए बनाया जाएगा. अक्सर यह कहा जाता है कि एक मध्यम परिवार की लड़की के लिए माता-पिता के लिए अपने बच्चों के महत्वाकांक्षी सपनों का सपोर्ट करना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन लैंगिक पक्षपात की सभी सीमाओं को पार करते हुए, स्वेता अग्रवाल और उनका परिवार बिना शर्त कड़ी मेहनत और दृढ़ता का एक उदाहरण है.

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read