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‘पद्म विभूषण’ पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन, 89 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली/मिर्जापुर (उप्र), हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के दिग्गज गायक और पद्म विभूषण सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों के अनुसार, मिश्र का सुबह करीब चार बजे मिर्जापुर में देहांत हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और अपनी सबसे छो

‘पद्म विभूषण’ पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन, 89 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

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नई दिल्ली/मिर्जापुर (उप्र), हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के दिग्गज गायक और पद्म विभूषण सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों के अनुसार, मिश्र का सुबह करीब चार बजे मिर्जापुर में देहांत हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और अपनी सबसे छोटी बेटी के परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। पंडित छन्नूलाल मिश्र का जीवन परिचय जन्म: 3 अगस्त 1936, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) विशेषज्ञता: ठुमरी, दादरा, चैत, कजरी और भजन गायन सम्मान: पद्मश्री (1991), पद्मभूषण (2010), पद्म विभूषण (2019) पंडित मिश्र बनारस घराने के एक प्रमुख गायक थे। उन्होंने अपनी अनूठी गायन शैली से भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊँचाई दी। उनके भजन और ठुमरी आज भी श्रोताओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। संगीत में योगदान मिश्र ने देश-विदेश में अनगिनत प्रस्तुतियाँ दीं और भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके भजनों ने लाखों श्रोताओं के दिलों को छुआ। वह बनारस घराने की परंपरा को जीवित रखने वाले अंतिम प्रमुख गायकों में से एक थे। देश ने खोया एक महान कलाकार पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन से संगीत जगत में शोक की लहर है। शास्त्रीय संगीत प्रेमियों का मानना है कि उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है। निष्कर्ष पंडित छन्नूलाल मिश्र केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के जीवंत प्रतीक थे। उनका निधन पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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