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4 आतंकियों की तस्वीरें और पहचान रिवील, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद से हैं ‘गायब’

4 आतंकियों की तस्वीरें और पहचान रिवील, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद से हैं ‘गायब’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद लश्कर के 4 टॉप कमांडर अंडरग्राउंड होने की खबर आ रही है, जिन्हें भारतीय सेना तलाश रही है और जो पहलगाम हमले के बाद नजर नहीं आए हैं। न मस्जिद में और न ही पब्लिक प्लेस पर इन्हें हमले के बाद देखा गया

4 आतंकियों की तस्वीरें और पहचान रिवील, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद से हैं ‘गायब’

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4 आतंकियों की तस्वीरें और पहचान रिवील, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद से हैं ‘गायब’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद लश्कर के 4 टॉप कमांडर अंडरग्राउंड होने की खबर आ रही है, जिन्हें भारतीय सेना तलाश रही है और जो पहलगाम हमले के बाद नजर नहीं आए हैं। न मस्जिद में और न ही पब्लिक प्लेस पर इन्हें हमले के बाद देखा गया है। इनके नाम और पहचान उजागर हुई है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष 4 आतंकवादी छिप गए हैं। पिछले कुछ दिनो से यह चारों आतंकवादी नमाज के लिए मस्जिदों में और सार्वजनिक रूप से कहीं नहीं दिखे हैं। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने इन चारों को कुछ समय के लिए छिपने का निर्देश दिया है। भारतीय सेना ने इनकी तस्वीरें और पहचान रिवील कर दी है। भारतीय सेना को इन चारों की तलाश है। लश्कर के इन चारों टॉप कमांडर का हाथ पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में होने का इनपुट भारतीय खुफिया एजेंसियों को मिला है। पुलिस और सेना का ऑपरेशन ऑल आउट जम्मू कश्मीर में आतंकियों की धरपकड़ के लिए पुलिस और सेना ने मिलकर ऑपरेशन ऑल आउट शुरू किया है, जिसके तहत नदी नालों, पहाड़ों, चट्टानों के साथ-साथ कच्चे बने घरों को भी खंगाला जा रहा है। पुंछ जिले का मुगल रोड 90 के दशक का वो पारंपरिक रास्ता है, जहां से आतंकी नदी नालों, घने जंगलों को पार करके LOC से घुसपैठ करके कश्मीर पहुंच जाया करते थे। बता दें कि आजकल मुगल रोड का रास्ता खुला है। पहलगाम हमले के बाद आतंकी जगह बदल रहे हैं, क्योंकि पहाड़ियों को पार करके जिला बदल जाता है। यही वजह हैं कि पुंछ से कश्मीर तक जाने वाली इन पहाड़ियों से गुजरने का रास्ता आतंकियों के लिए एक से दूसरी जगह जाने का आसान रास्त हो जाता है। इसलिए हाईवे पर हर एक गाड़ी और शख्स की चेकिंग की जा रही है। बता दें कि पुंछ से वाया मुगल रोड होते हुए कश्मीर जाने वाला रास्ता दुर्गम भले ही है, लेकिन पहाड़ियों और जंगलों से होकर गुजरने वाले इस रास्ते पर बहुत कम लोग सफर करते हैं। सुरक्षाबलों ने 90 के दशक से प्रचलित इस पारंपरिक रास्त पर नाके लगाए हुए हैं और हर आने जाने वाली उस गाड़ी को खंगाला जा रहा हैं, जो पुंछ से शोपियां होते हुए कश्मीर जा रही हैं।

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