पूर्णिया/कटिहार: दुर्गापूजा, दीपावली और छठ महापर्व से पहले सीमांचल के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कटिहार और पूर्णिया के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस ट्रेन का परिचालन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है और फिलहाल इसे 30 नवंबर तक चलाने की योजना है।
रेलवे के इस फैसले से पूर्णिया, कटिहार और आसपास के इलाकों के रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ त्योहारों के दौरान आने-जाने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के समय सीमांचल से बड़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों से अपने घर लौटते हैं। ऐसे समय में नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी और लंबी वेटिंग यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।
आज से शुरू होगी कटिहार-पूर्णिया स्पेशल
रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 07555/07554 कटिहार-पूर्णिया-कटिहार फेस्टिवल स्पेशल का परिचालन 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा।
इसका मतलब है कि आने वाले लगभग दो महीनों तक कटिहार और पूर्णिया के बीच यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन सेवा उपलब्ध रहेगी।
सीमांचल के लिए यह रूट महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्णिया और कटिहार के बीच बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, कारोबारी और अन्य यात्री नियमित रूप से आवागमन करते हैं।
त्योहारों के दौरान इस रूट पर यात्रियों की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेन मिलने से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
सिर्फ कटिहार-पूर्णिया ही नहीं, मनिहारी के लिए भी स्पेशल ट्रेन
रेलवे ने सीमांचल के यात्रियों की सुविधा के लिए कटिहार-मनिहारी रूट पर भी स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है।
ट्रेन संख्या 07540/07539 कटिहार-मनिहारी-कटिहार स्पेशल का परिचालन 2 अक्टूबर से 30 नवंबर तक किया जाएगा। इसके अलावा एक दूसरी कटिहार-मनिहारी स्पेशल ट्रेन के परिचालन का भी कार्यक्रम जारी किया गया है।
इससे कटिहार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी।
दिल्ली से जोगबनी आने वालों के लिए भी बड़ी खबर
त्योहारी सीजन में सीमांचल की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक दिल्ली और दूसरे महानगरों से घर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ है।
इसी को देखते हुए रेलवे ने आनंद विहार टर्मिनल से जोगबनी के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन की भी घोषणा की है। यह ट्रेन दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
इस ट्रेन के रास्ते में बरौनी, नवगछिया और कटिहार सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। इससे अररिया, पूर्णिया, कटिहार और जोगबनी क्षेत्र से जुड़े यात्रियों को त्योहारों के दौरान घर पहुंचने का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
राघोपुर-देवघर स्पेशल का भी बढ़ा परिचालन
सीमांचल और कोसी क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
राघोपुर और देवघर के बीच चल रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन को भी 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन सुपौल, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, मानसी, खगड़िया, मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर और बांका के रास्ते देवघर तक जाती है।
त्योहारों और धार्मिक यात्राओं के दौरान इस ट्रेन की उपयोगिता बढ़ सकती है। खासकर देवघर जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त सेवा उपलब्ध होने से यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे।
पूर्णिया कोर्ट-पाटलिपुत्र स्पेशल भी बढ़ी
रेलवे ने पाटलिपुत्र और पूर्णिया कोर्ट के बीच चल रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
ट्रेन संख्या 03216/03215 पाटलिपुत्र-पूर्णिया कोर्ट-पाटलिपुत्र स्पेशल का परिचालन निर्धारित अवधि के बाद भी जारी रहेगा। रेलवे के अनुसार यह ट्रेन हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, मानसी, सहरसा, दौरम मधेपुरा और बनमनखी के रास्ते चलती है।
इससे पटना और सीमांचल के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को भी त्योहारों के दौरान अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
त्योहारों में सबसे ज्यादा फायदा किसे?
रेलवे की इन घोषणाओं का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को हो सकता है जिन्हें त्योहारों के दौरान नियमित ट्रेनों में टिकट मिलने में परेशानी होती है।
दुर्गापूजा के बाद दीपावली और फिर छठ के कारण बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब और दूसरे राज्यों में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग त्योहारों पर अपने गांव लौटते हैं।
सीमांचल में भी अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और आसपास के जिलों के हजारों परिवारों के सदस्य दूसरे राज्यों में रहते हैं।
ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनें केवल यात्रा की सुविधा नहीं बढ़ातीं, बल्कि प्रवासी परिवारों को त्योहार पर घर लौटने का अतिरिक्त विकल्प भी देती हैं।
लेकिन एक सवाल अभी भी बाकी
स्पेशल ट्रेनों की घोषणा निश्चित रूप से यात्रियों के लिए राहत है, लेकिन सीमांचल के लोगों की लंबे समय से मांग केवल त्योहारों के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं है।
पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों से देश के बड़े शहरों के लिए नियमित ट्रेनों की संख्या और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग लगातार उठती रही है।
त्योहार खत्म होने के बाद भी यात्रियों की संख्या बनी रहती है। इसलिए सीमांचल के लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि फेस्टिवल स्पेशल के अलावा भविष्य में कितनी स्थायी ट्रेन सेवाएं और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होती है।
सीमांचल की रेल कनेक्टिविटी में एक और बड़ा मुद्दा
इसी बीच सीमांचल के चार जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में 21 प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज को लेकर भी प्रक्रिया तेज करने की बात सामने आई है।
इनमें किशनगंज में छह, पूर्णिया में दो और अररिया में सात ROB परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी यातायात समस्या और जाम को कम करना है।
यानी सीमांचल में इस समय रेलवे के स्तर पर एक साथ कई गतिविधियां चल रही हैं। कहीं अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं तो कहीं रेल ओवरब्रिज की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन अस्थायी सुविधाओं के साथ सीमांचल को स्थायी और बेहतर रेल कनेक्टिविटी कब तक मिलती है।
फिलहाल 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली कटिहार-पूर्णिया फेस्टिवल स्पेशल और अन्य अतिरिक्त ट्रेनों से यात्रियों को त्योहारों के मौसम में कुछ राहत जरूर मिलने वाली है।
क्या आपके इलाके में भी त्योहार के समय ट्रेन टिकट की सबसे बड़ी समस्या रहती है? क्या सीमांचल के लिए और अधिक नियमित ट्रेनों की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में बताइए।












