नयी दिल्ली:
दिसंबर महीने की 14 तारीख विश्व इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण और साहसिक उपलब्धि के रूप में दर्ज है। इसी दिन वर्ष 1911 में इंसान ने पहली बार दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर कदम रखा था।
ध्रुवीय खोज के क्षेत्र में दुनिया के महान खोजकर्ताओं में शामिल रोआल्ड एमंडसन (Roald Amundsen) ने 14 दिसंबर 1911 को यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। वे नार्वे के रहने वाले थे और अपनी साहसिक यात्राओं के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहे।
एमंडसन जून 1910 में अंटार्कटिका के लिए रवाना हुए थे। अत्यंत कठिन मौसम, बर्फीले तूफानों और जानलेवा ठंड के बीच उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष की लंबी और खतरनाक यात्रा पूरी की। अंततः 14 दिसंबर 1911 को वे अपने दल के साथ दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने में सफल रहे।
यह अभियान मानव इतिहास की सबसे साहसिक खोज यात्राओं में से एक माना जाता है। उस समय आधुनिक तकनीक और संचार साधनों की कमी के बावजूद एमंडसन ने अनुशासन, योजना और धैर्य के बल पर यह असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य हासिल किया।
दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने के बाद उन्होंने वहां नॉर्वे का झंडा फहराया, जो न केवल उनके देश बल्कि पूरी मानव सभ्यता के लिए गर्व का क्षण था।
आज भी 14 दिसंबर को ध्रुवीय खोज और वैज्ञानिक साहस की मिसाल के रूप में याद किया जाता है। यह दिन हमें बताता है कि दृढ़ संकल्प और साहस से इंसान दुनिया के सबसे कठिन कोनों को भी जीत सकता है



