नई दिल्ली: जीएसटी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को मंत्रियों के समूह (GoM) को संबोधित करेंगी और आगामी जीएसटी सुधारों पर चर्चा होगी। केंद्र सरकार ने जीएसटी के मौजूदा जटिल ढांचे को सरल बनाने के लिए दो-स्तरीय दर प्रणाली (Two-Tier Structure) का प्रस्ताव दिया है।
क्या है नया GST प्रस्ताव?
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दो दरें तय होंगी:
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5% (योग्यता स्लैब) – इसमें किसानों, मध्यम वर्ग और MSME से जुड़ी वस्तुएं रहेंगी।
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18% (मानक स्लैब) – ज्यादातर वस्तुएं और सेवाएं इसमें शामिल होंगी।
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40% का विशेष स्लैब – पान मसाला, तंबाकू, ऑनलाइन गेमिंग जैसे अवगुण वस्तुओं (Sin Goods) के लिए रखा गया है।
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12% और 28% स्लैब हटेंगे – इनकी जगह 5% और 18% कैटेगरी में वस्तुएं समाहित होंगी।
उपभोक्ताओं को होगा सीधा फायदा
सरकार का दावा है कि इस बदलाव के बाद लगभग 99% वस्तुएं, जो अभी 12% स्लैब में आती हैं, उन्हें 5% श्रेणी में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे आम लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और वस्तुएं सस्ती मिलेंगी।
बैठक में क्या होगा?
👉 बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस 6 सदस्यीय मंत्री समूह (GoM) के संयोजक हैं।
👉 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संबोधन मंत्रियों को विचार प्रक्रिया की गहराई से समझ देगा।
👉 18-19 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मोदी सरकार का रोडमैप
यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्रता दिवस पर की गई घोषणा से जुड़ा है। मोदी ने कहा था कि “दिवाली से पहले अगली पीढ़ी के GST सुधार” लागू होंगे। ये सुधार तीन स्तंभों पर आधारित होंगे:
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संरचनात्मक सुधार (Structural Reform)
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दर युक्तिकरण (Rate Rationalisation)
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Ease of Living (जीवन में आसानी)
निष्कर्ष
अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो आने वाले समय में जीएसटी का ढांचा बेहद सरल हो जाएगा। 12% और 28% स्लैब पूरी तरह खत्म हो जाएंगे और उनकी जगह सिर्फ 5%, 18% और विशेष 40% स्लैब होंगे। इससे आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को राहत मिलेगी।



