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कहते हैं जब कोई नहीं आता तब आते हैं फरिश्ते

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कहते हैं जब कोई नहीं आता तब आते हैं फरिश्ते

 

मधेपुरा से विकास कुमार की रिपोर्ट

मधेपुरा के बुधमा निवासी 17 वर्षीय शुभम कुमार के लिए कोसी की एकमात्र महिला पत्रकार गरिमा उर्विशा ने मात्र 82 दिन पर अपना स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता का मिसाल कायम किया।सोमवार को मरीज के परिजन के रूप में गोपी पंडित ने एक hour एक प्रयास  मधेपुरा इकाई में रक्त की गुहार लगाई। मरीज शुभम कुमार के पिता राजनंदन यादव जो पिछले कुछ दिनों से आईजीआईएमएस पटना में अपने बच्चे के मस्तिष्क के ऑपरेशन को लेकर काफी परेशान थे। डॉक्टर ने दो यूनिट O पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता बताई। रक्त का इंतजाम नहीं हो पा रहा था और ऑपरेशन रुका हुआ था! एक यूनिट रक्त परिवार को जागरूक कर रक्तदान करवाया गया आगे जब मरीज की दुविधा की जानकारी  मधेपुरा निवासी प्रांगण रंगमंच की मीडिया प्रभारी एवं मधेपुरा खबर के संपादक गरिमा उर्विशा को प्राप्त हुई। जो इन दिनों पटना में रहकर पत्रकारिता के क्षेत्र में अहम योगदान दे रही हैं। उन्होंने खुद ही कॉल करके रक्तदान की इच्छा जाहिर कर जीवन दान देने का निश्चय किया।

रक्तदान करते हुए उनका चेहरा गर्व से चमक रहा था और चेहरे पर संतुष्टि का भाव झलक रहा था। रक्तदान करने के बाद जब परिजन ने घर तक छोड़ देने के लिए रिक्वेस्ट किया तो उन्होंने बहुत ही सहजता से उन्हें प्रणाम कर आशीर्वाद लिया और बोला आप खुद ही बहुत परेशान हैं

आप मरीज को देखिए मैं चली जाऊंगी। आपको बता दें कि 1 HOUR एक प्रयास संस्था हमेशा से जरूरतमंदो की मदद के आगे आता रहा है । सोमवार को गरिमा ने  अपने 8वीँ रक्तदान कर एक मानवता की मिसाल कायम कर समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बने। प्रांगण रंगमंच की मीडिया प्रभारी गरिमा उर्विशा ने 1HOUR: एक प्रयास संस्था की सराहना करते हुए लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की है।

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