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Operation Sindoor Cyber Attack: 54 सरकारी वेबसाइटों पर DDoS हमले की कोशिश, NIA की 5 राज्यों में छापेमारी; बिहार के गोपालगंज तक पहुंची जांच

महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, बिहार और दिल्ली में एक साथ तलाशी; तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल और पेन ड्राइव समेत डिजिटल डिवाइस जब्त, मामले में दो आरोपी पहले ही…

Operation Sindoor Cyber Attack: 54 सरकारी वेबसाइटों पर DDoS हमले की कोशिश, NIA की 5 राज्यों में छापेमारी; बिहार के गोपालगंज तक पहुंची जांच

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महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, बिहार और दिल्ली में एक साथ तलाशी; तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल और पेन ड्राइव समेत डिजिटल डिवाइस जब्त, मामले में दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार नई दिल्ली/गोपालगंज, 25 अगस्त 2026: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने Operation Sindoor के दौरान भारत सरकार की 54 वेबसाइटों पर कथित साइबर हमलों की कोशिश से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, बिहार और दिल्ली में पांच ठिकानों पर तलाशी ली। बिहार में यह कार्रवाई गोपालगंज में की गई। यह मामला सामान्य cyber fraud से अलग है। NIA इसे Cyber Terrorism Gujarat Case के रूप में investigate कर रही है। आरोप है कि Operation Sindoor के दौरान सरकारी संस्थानों की websites और महत्वपूर्ण digital infrastructure को Distributed Denial-of-Service यानी DDoS attack के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। पांच राज्यों में पांच ठिकानों पर छापेमारी NIA ने सोमवार, 24 अगस्त को पांच अलग-अलग स्थानों पर searches कीं। कार्रवाई महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर, गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद, तेलंगाना के रामागुंडम, बिहार के गोपालगंज और दिल्ली में हुई। यह मामला 25 जून 2025 को दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच Gujarat ATS ने की थी, जिसके बाद मामला NIA के पास पहुंचा। निशाने पर थीं 54 सरकारी Websites जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपियों ने Operation Sindoor के दौरान Government of India entities की 54 websites पर sophisticated DDoS attacks करने की कोशिश की थी। इनमें critical computer resources और Critical Information Infrastructure (CII) को भी निशाना बनाने का आरोप है। Critical Information Infrastructure ऐसे computer resources और digital systems होते हैं जिनका disruption देश की security, economy, public safety या essential services पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसी वजह से मामला national security से जुड़ा माना जा रहा है। क्या होता है DDoS Attack? DDoS यानी Distributed Denial-of-Service attack में किसी website, server या online service पर बहुत बड़ी मात्रा में illegitimate traffic भेजा जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी सरकारी website की सामान्य क्षमता एक समय में कुछ हजार requests संभालने की है और attackers compromised computers या devices के network से अचानक लाखों requests भेजने लगें, तो server overload हो सकता है। इससे genuine users website access नहीं कर पाते। ऐसे हमले में website का data चोरी होना जरूरी नहीं है। कई बार उद्देश्य service को unavailable करना होता है। यही कारण है कि banking, government services, telecom और critical infrastructure पर DDoS attack गंभीर security threat माना जाता है। Operation Sindoor के दौरान हमले का आरोप NIA के मुताबिक alleged attacks Operation Sindoor के समय किए गए थे। एजेंसी का आरोप है कि इनका उद्देश्य भारत की sovereignty, security और unity को नुकसान पहुंचाने के साथ लोगों के बीच डर पैदा करना था। हालांकि मामले में जिन व्यक्तियों की जांच हो रही है, उनकी अंतिम criminal liability अदालत में evidence के आधार पर तय होगी। दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस मामले में जांच एजेंसियां पहले भी कार्रवाई कर चुकी हैं। NIA के मुताबिक दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आगे की technical investigation में कुछ अन्य suspects की पहचान हुई, जिनके ठिकानों पर अब searches की गई हैं। जांच में आरोप है कि कुछ संदिग्धों ने गिरफ्तार आरोपियों को DDoS attacks की तैयारी और technical skills विकसित करने में सहायता दी थी। इसी connection को establish करने के लिए नई searches की गईं। Digital Devices जब्त NIA की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा electronic evidence की recovery है। तलाशी के दौरान agency ने तीन laptops, पांच mobile phones और pen drives सहित अन्य digital devices जब्त किए। साथ ही hacking activities से कथित रूप से संबंधित documents/material मिलने की बात कही गई है। अब इन devices की digital forensic examination investigation में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Forensic experts devices से files, communication records, browsing artifacts और अन्य technical evidence की जांच कर सकते हैं। बिहार के गोपालगंज तक पहुंची जांच बिहार के लिए इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू गोपालगंज में NIA की कार्रवाई है। NIA की आधिकारिक कार्रवाई में Gopalganj को पांच search locations में शामिल किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गोपालगंज के थावे रोड स्थित तुरकाहां इलाके में कई घंटे तलाशी चली और एक व्यक्ति की तलाश तथा digital devices की जब्ती की बात सामने आई है। हालांकि स्थानीय reports में जब्त devices की संख्या NIA की पूरे पांच-राज्य operation की consolidated संख्या से अलग बताई गई है। इसलिए दोनों आंकड़ों को आपस में मिलाना उचित नहीं होगा। Cyber Attack अब National Security Challenge यह मामला बताता है कि आधुनिक warfare और national-security threats अब केवल जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं हैं। Government websites, power systems, communication networks, banking infrastructure और data centres भी hostile cyber operations के संभावित targets हो सकते हैं। युद्ध या geopolitical tension के समय cyber attacks के जरिए government services बाधित करने, misinformation फैलाने या public confidence कमजोर करने की कोशिश की जा सकती है। इसीलिए cyber defence अब conventional defence के साथ national-security strategy का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। VPN और Advanced Hacking Tools का भी पुराना Connection इसी case में NIA ने अगस्त 2025 में एक आरोपी Jasim Shahnawaz Ansari के खिलाफ charge sheet दाखिल की थी। NIA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक investigation में advanced hacking tools, anonymising technologies—including VPNs—and encrypted platforms के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। Agency ने यह भी कहा था कि digital forensic analysis से planned cyber offensive से जुड़े evidence सामने आए। यह background वर्तमान searches को और महत्वपूर्ण बनाता है क्योंकि investigators अब alleged network और support structure को समझने की कोशिश कर रहे हैं। Investigation अभी जारी NIA ने साफ किया है कि मामले की जांच जारी है। जब्त laptops, mobile phones और अन्य digital devices से मिलने वाला forensic data आगे की investigation की दिशा तय कर सकता है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि alleged cyber attacks की planning कैसे हुई, technical infrastructure कहां से मिला, कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे और क्या network भारत के बाहर किसी व्यक्ति या infrastructure से जुड़ा था। फिलहाल verified जानकारी यही है कि Operation Sindoor के दौरान 54 सरकारी websites पर कथित DDoS attacks की कोशिश से जुड़े cyber-terrorism case में NIA ने पांच राज्यों में पांच locations पर searches की हैं। इनमें बिहार का गोपालगंज भी शामिल है। तीन laptops, पांच mobile phones और अन्य digital devices की seizure के बाद अब इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी forensic investigation होगी।

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