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रेजरपे पेमेंट गेटवे ने भारत में हिंदी भाषा व्यवसायों के लिए 'हिंदी' में चेकआउट पेज लॉन्च किया
Published: 27/3/2021, 9:13:56 pm•523 views•Seemanchal Live
यह नया फीचर भारत के छोटे व्यवसायों को स्थानीय भाषा का इस्तेमाल करने वाले अपने ग्राहकों को लोकलाईज़्ड पेमेंट एवं चेकआउट का अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा नई दिल्ली, March 18, 2021 /PRNewswire/ -- व्यवसायों के लिए भारत के अग्रणी पेमेंट्स एवं बैंकिंग प्लेटफार्म, रेज़रपे ने आज वेबसाईट्स एवं ऐप्स

यह नया फीचर भारत के छोटे व्यवसायों को स्थानीय भाषा का इस्तेमाल करने वाले अपने ग्राहकों को लोकलाईज़्ड पेमेंट एवं चेकआउट का अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा नई दिल्ली, March 18, 2021 /PRNewswire/ -- व्यवसायों के लिए भारत के अग्रणी पेमेंट्स एवं बैंकिंग प्लेटफार्म, रेज़रपे ने आज वेबसाईट्स एवं ऐप्स के लिए चेकआउट पेज पर हिंदी भाषा के लॉन्च की घोषणा की।
ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय एवं उपभोक्ता ऑनलाइन लेन-देन कर रहे हैं, इसलिए यह फीचर भारत में हिंदीभाषी एमएसएमई एवं उनके ग्राहकों को सेवा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
जो व्यवसाय रेज़रपे पेमेंट्स प्लेटफार्म का उपयोग करते हैं, वो अब अपना ऑनलाइन चेकआउट पेज एवं पेमेंट्स का अनुभव पूरी तरह से हिंदी में प्रस्तुत कर सकेंगे।
इससे उन्हें लाखों हिंदीभाषी ग्राहकों के ऑनलाइन भुगतान के लेन-देन के अनुभव में सुधार करने में मदद मिलेगी और इस फीचर के साथ व्यवसायों के राजस्व में 30 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
साल 2020 में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में आजीविका जारी रखने के लिए लाखों एसएमबी पहली बार ऑनलाइन हुए।
रेज़रपे प्लेटफार्म पर होने वाले लेन-देन के आधार पर कंपनी ने टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 2019 की तुलना में 93 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जिससे ग्राहकों द्वारा भुगतान करने के तरीके में बड़ा बदलाव प्रदर्शित होता है।
भारत में 700 मिलियन इंटरनेट यूज़र्स में से 70 प्रतिशत स्थानीय भाषाओं में लेन-देन करना पसंद करते हैं।
यह अंतर भारत के छोटे व्यवसायों पर सीधा प्रभाव डालता है क्योंकि जो ग्राहक भुगतान के निर्देश एवं प्रक्रियाओं को समझने में असुविधा महसूस करते हैं, उन्हें भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने में मुश्किल होती है और इसके चलते वो खरीद करने का विचार त्याग देते हैं।
हिंदी भाषा की सपोर्ट के साथ रेज़रपे भुगतान की पूरी प्रक्रिया को समझना आसान बनाकर एसएमई की व्यवसायिक वृद्धि को मजबूत करेगा, जिससे लेन-देन बीच में ही नहीं छूटेगा।' ऑनलाइन लेन-देन में स्थानीय भाषाओं के महत्व के बारे में वेदनारायण वेदांतम, हेड, एसएमई बिज़नेस, रेज़रपे ने कहा, 'अपने ग्राहक की भाषा बोलना आम शब्द बन गया है।
लेकिन रेज़रपे में हमने अपने ग्राहकों के लिए इन शब्दों को सच करके दिखाया है और उन्हें स्थानीय भाषा में लेन-देन करने की सुविधा दी है।
रेज़रपे के ग्राहक अब भुगतान एवं चेकआउट का अनुभव हिंदी भाषा में पा सकते हैं और जल्द ही वो तमिल एवं तेलुगू सहित दक्षिण भारत की सभी लोकप्रिय भाषाओं सहित 7 अन्य भाषाओं में भी यह अनुभव पा सकेंगे।
डिजिटल उपभोक्ताओं एवं डिजिटल एसएमबी की अगली लहर भारत में होगी।
आज रेज़रपे की 50 प्रतिशत से ज्यादा एसएमई सेल्स टीम की बातचीत में इंग्लिश का इस्तेमाल नहीं होता।
भारत में उद्यमियों के अगले दल के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाने का यह हमारा विनम्र प्रयास है।' रेज़रपे 2020 में ऑनलाइन भुगतान के लिए छोटे व्यवसायों का पसंदीदा प्लेटफार्म रहा है।
हाल के सर्वे में, यह पाया गया कि तीन ऑफ़लाइन व्यवसायों में से एक ने पहली बार ऑनलाइन होने के बाद अपने आॅनलाईन भुगतान पार्टनर के रूप में रेज़रपे को प्राथमिकता दी।
टियर-2 एवं टियर-3 शहरों से 7 लाख से ज्यादा एसएमबी पिछले एक साल में रेज़रपे के साथ जुड़ चुके हैं।
इस विशाल मांग में सहयोग के लिए, रेज़रपे ने अनेक नए उत्पादों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य भारत में छोटे व्यवसायों के लिए डिजिटल वृद्धि के अगले चरण को सशक्त बनाना है।
हिंदी के अलावा, रेज़रपे गुजराती, बंगाली, मराठी, कन्नड़, तमिल और तेलुगू में स्थानीय भाषा की सपोर्ट लॉन्च करने वाला है।
रेज़रपे के बारे मेंः हाल ही में सर्वोच्च स्तर पर पहुंची फुल स्टैक फाईनेंशल सर्विसेस कंपनी, रेज़रपे भारतीय व्यवसायों को विस्तृत एवं अभिनव समाधानों द्वारा मदद करती है, जो किसी भी व्यवसाय के लिए भुगतान एवं बैंकिंग की संपूर्ण सुविधाएं संबोधित करने के लिए मजबूत प्रौद्योगिकी द्वारा बनाए गए हैं।
2014 में स्थापित यह कंपनी 5 मिलियन से ज्यादा व्यवसायों को टैकनोलजी भुगतान समाधान प्रदान करती है।
आईआईटी रुड़की के एलुमनी, शशांक कुमार एवं हर्षिल माथुर द्वारा स्थापित, रेज़रपे सिलिकॉन वैली के सबसे बड़े टेक एक्सलरेटर, वाई काॅम्बिनेटर का हिस्सा बनने वाली दूसरी भारतीय कंपनी है।
जीआईसी, टाईगर ग्लोबल, सेक्वा कैपिटल इंडिया, रिबिट कैपिटल, मैट्रिक्स पार्टनर्स, वाई काॅम्बिनेटर एवं मास्टरकार्ड ने सीरीज़ ए, बी, सी एवं डी फंडिंग द्वारा कुल 206.5 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।
भारत में भुगतान एवं बैंकिंग को सरल बनाने तथा फाईनेंस के तरीके में परिवर्तन लाने के रेज़रपे के मिशन में लगभग 33 एंजेल निवेशकों ने निवेश किया है।
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