Bihar
अभाविप ने शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगाने के लिए डीएम को सौंपा ज्ञापन
Published: 23/4/2025, 2:03:55 pm•7 views•Seemanchal Live
अभाविप ने शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगाने के लिए डीएम को सौंपा ज्ञापन आंदोलन के परिणाम स्वरूप शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय परिदृश्य में उल्लेखनीय परिवर्तन दृष्टिगोचर हुए हैं सुपौल. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर जिले के गैर सरकारी

अभाविप ने शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगाने के लिए डीएम को सौंपा ज्ञापन आंदोलन के परिणाम स्वरूप शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय परिदृश्य में उल्लेखनीय परिवर्तन दृष्टिगोचर हुए हैं सुपौल. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर जिले के गैर सरकारी विद्यालयों द्वारा प्रत्येक वर्ष शुल्क बढ़ोतरी पर रोक लगाने, पुस्तक एवं ड्रेस परिवर्तन के माध्यम से अवैध उगाही पर नियंत्रण लगाने की मांग की है. दिये आवेदन में बताया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शैक्षणिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु वर्ष भर परिसर के अंदर एवं बाहर आंदोलनात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय रहती है. आंदोलन के परिणाम स्वरूप शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय परिदृश्य में उल्लेखनीय परिवर्तन दृष्टिगोचर हुए हैं. इस मांग पत्र के माध्यम से गैर सरकारी विद्यालयों के मनमाने शुल्क वृद्धि सहित विभिन्न मांगों पर शीघ्र ठोस एवं उचित कार्रवाई हेतु आग्रह किया है. दिये मांग पत्र में कहा है कि अधिकांश गैर सरकारी विद्यालयों द्वारा प्रत्येक वर्ष मासिक शुल्क में बेतहाशा वृद्धि की जाती है जो अभिभावकों से अवैध उगाही का एक माध्यम है. जिला स्तर पर एक समिति बनाकर ऐसे विद्यालयों की जांच करते हुए समुचित कार्रवाई की जाए. अधिकांश गैर सरकारी विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष ड्रेस बदल दिया जाता है, जो एक निश्चित दुकान से ही खरीदना पड़ता है. यह शिक्षा के व्यापारीकरण का एक उदाहरण है, इस पर अविलंब रोक लगाया जाए एवं कम से कम 3 वर्ष तक ड्रेस कोड में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाए. गैर सरकारी विद्यालयों के द्वारा प्रतिवर्ष पाठ्य पुस्तक भी बदल दिए जाते हैं, पहली कक्षा पाठ्य पुस्तक 3000 से 3500 रुपए तक में मिलते हैं. जबकि सरकार द्वारा तय मानक के अनुरूप एनसीईआरटी की पुस्तक ही पढ़ाई जानी है. प्रतिवर्ष पुस्तक परिवर्तित करने से पर्यावरण को बड़ी मात्रा में क्षति पहुंचती है. 03 करोड पेड़ प्रत्येक वर्ष कागज निर्माण के लिए काटे जा रहे हैं. बताया कि ऐसे विद्यालय पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्हें आदेशित किया जाए कि कम से कम 03 वर्ष तक पुस्तक में कोई प्रकार का बदलाव न हो एवं उनका शुल्क भी उचित हो तथा इसे एक निश्चित दुकान से ही खरीदने की बाध्यता समाप्त की जाए. आरटीई के तहत प्रत्येक विद्यालय में 25 प्रतिशत निर्धन छात्र-छात्राओं के नामांकन एवं उनके संपूर्ण पढ़ाई का जांच किया जाए. कहा कि इन मांगों पर शीघ्र एवं ठोस कार्रवाई किया जाए. अन्यथा विद्यार्थी परिषद पूरे बिहार प्रदेश में अभिभावकों के साथ सड़क पर आंदोलन के लिए बाध्य होगी. मौके पर रंजीत झा, शिवजी कुमार, राजेश कुमार, विनीत कुमार, सोहन कुमार, आदित्य कौशिक, राजेश कुमार मल्लिक सहित अन्य अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित थे.
What do you think?
Leave a Comment
Related News
Trending News
#1
'रोवेलें रघुराई.. अंखिया खोला बबुआ' Pawan Singh का सुपरहिट भक्ति गीत
15006 views
#2बीते शुक्रवार को दिल्ली के एक सीवर को नंगे हाथों बिना मास्क के साफ करते हुए उसका पिता शव में बदल गया ।
8184 views
#3सुपौल:- जिला प्रशासन ने कोविड19 संक्रमण के लॉक डाउन के तीन महीने बाद पहला मिटीग.
6738 views
#4जिले में प्रवासियों का ट्रेन से आने की सिलसिला जारी
5988 views
#5विराट कोहली ने शेयर की अनुष्का शर्मा की CUTE PIC, लिखा ये बेहद रोमांटिक मैसेज
5634 views
#6नए साल में बदल जाएंगी आपके काम की ये 8 चीजें, आज ही निपटा लें वरना...
5227 views
Most Read

India
'रोवेलें रघुराई.. अंखिया खोला बबुआ' Pawan Singh का सुपरहिट भक्ति गीत
15006 views

India
बीते शुक्रवार को दिल्ली के एक सीवर को नंगे हाथों बिना मास्क के साफ करते हुए उसका पिता शव में बदल गया ।
8184 views

Bihar
सुपौल:- जिला प्रशासन ने कोविड19 संक्रमण के लॉक डाउन के तीन महीने बाद पहला मिटीग.
6738 views

India
जिले में प्रवासियों का ट्रेन से आने की सिलसिला जारी
5988 views

Entertainment
विराट कोहली ने शेयर की अनुष्का शर्मा की CUTE PIC, लिखा ये बेहद रोमांटिक मैसेज
5634 views

Politics
नए साल में बदल जाएंगी आपके काम की ये 8 चीजें, आज ही निपटा लें वरना...
5227 views



