Politics
बिहारः सरकारी कर्मियों की लेट लतीफी नहीं चलेगी, देर से दफ्तर आए तो होगी यह कार्रवाई
Published: 13/9/2022, 7:45:26 am•87 views•Seemanchal Live
बिहारः सरकारी कर्मियों की लेट लतीफी नहीं चलेगी, देर से दफ्तर आए तो होगी यह कार्रवाई ऑफिस आने में सरकारी कर्मियों की लेट लतीफी अब नहीं चलेगी। समय पर नहीं पहुंचे तो तत्काल कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने प्रखंड, जिला, प्रमंडल और मुख्यालय स्तर के सभी दफ्तरों में तैनात कर्मियों को समय पर आने को लेकर सख्त

बिहारः सरकारी कर्मियों की लेट लतीफी नहीं चलेगी, देर से दफ्तर आए तो होगी यह कार्रवाई ऑफिस आने में सरकारी कर्मियों की लेट लतीफी अब नहीं चलेगी।
समय पर नहीं पहुंचे तो तत्काल कार्रवाई होगी।
राज्य सरकार ने प्रखंड, जिला, प्रमंडल और मुख्यालय स्तर के सभी दफ्तरों में तैनात कर्मियों को समय पर आने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किया है।
जो कर्मी समय पर नहीं आयेंगे, सजा के तौर पर उनकी आधे दिन की छुट्टी काटी जाएगी।
सरकार के इस फैसले से आमजनों को काफी राहत मिलेगी।
अभी सरकारी दफ्तरों में आधा घंटा लेट आना सामान्य बात है और एक घंटे तक की देरी को कर्मी अपना हक मानते हैं।
आम जनों ने इसे लगभग स्वीकार कर लिया है कि सरकारी दफ्तरों में 11 बजे से पहले जाने पर समय बर्बाद होता है।
इसे देखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
इस आदेश का पालन पूरी सख्ती से करने का निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी राजेन्दर ने सभी डीएम, प्रमंडलीय आयुक्त से लेकर डीजीपी और सभी विभागों के प्रमुखों को दिया है।
सभी कर्मियों को अनिवार्य रूप से बॉयोमेट्रिक से हाजिरी बनानी होगी।
कोई कर्मी एक घंटा लेट कार्यालय आएंगे, तो उनकी आधे दिन की छुट्टी उनके आकस्मिक छुट्टी (सीएल) की संख्या से कट जाएगी।
इसके बाद भी कोई कर्मचारी बार-बार देर से कार्यालय आते हैं, तो संबंधित सक्षम प्राधिकार उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करेंगे।
किसी विशेष परिस्थिति में सक्षम प्राधिकार से पूर्व अनुमति लेकर कोई भी कर्मचारी या पदाधिकारी महीने में अधिकतम दो दिन देर से कार्यालय आ सकते हैं।
वित्त विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 का नया बजट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
इसे लेकर सभी विभागों को इस बार निर्देश दिया गया है कि जितनी जरूरत हो, सिर्फ उतने ही खर्च का बजट तैयार करें।
सभी विभागों को 28 अक्टूबर तक बजट प्राक्कलन वित्त विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसमें गैर-जरूरी खर्चों को बजट में समाहित नहीं करने की हिदायत दी गयी है।
कोविड-19 के कारण राजस्व संग्रह पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इसके मद्देनजर खर्च की अत्यावश्यकता की गहन समीक्षा करने के बाद ही इसका प्रारूप तैयार किया जायेगा।
राजस्व घाटा को शून्य और राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत की अधिसीमा तक रखा जाना है।
इसलिए बजट प्राक्कलन या लेखा-जोखा तैयार करने में इस वित्तीय अनुशासन का खासतौर से ध्यान रखें।
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने इसे लेकर सभी विभागों को लिखित आदेश जारी किया है
What do you think?
Leave a Comment
Related News
Trending News
#1
'रोवेलें रघुराई.. अंखिया खोला बबुआ' Pawan Singh का सुपरहिट भक्ति गीत
15006 views
#2बीते शुक्रवार को दिल्ली के एक सीवर को नंगे हाथों बिना मास्क के साफ करते हुए उसका पिता शव में बदल गया ।
8184 views
#3सुपौल:- जिला प्रशासन ने कोविड19 संक्रमण के लॉक डाउन के तीन महीने बाद पहला मिटीग.
6738 views
#4जिले में प्रवासियों का ट्रेन से आने की सिलसिला जारी
5988 views
#5विराट कोहली ने शेयर की अनुष्का शर्मा की CUTE PIC, लिखा ये बेहद रोमांटिक मैसेज
5634 views
#6नए साल में बदल जाएंगी आपके काम की ये 8 चीजें, आज ही निपटा लें वरना...
5227 views
Most Read

India
'रोवेलें रघुराई.. अंखिया खोला बबुआ' Pawan Singh का सुपरहिट भक्ति गीत
15006 views

India
बीते शुक्रवार को दिल्ली के एक सीवर को नंगे हाथों बिना मास्क के साफ करते हुए उसका पिता शव में बदल गया ।
8184 views

Bihar
सुपौल:- जिला प्रशासन ने कोविड19 संक्रमण के लॉक डाउन के तीन महीने बाद पहला मिटीग.
6738 views

India
जिले में प्रवासियों का ट्रेन से आने की सिलसिला जारी
5988 views

Entertainment
विराट कोहली ने शेयर की अनुष्का शर्मा की CUTE PIC, लिखा ये बेहद रोमांटिक मैसेज
5634 views

Politics
नए साल में बदल जाएंगी आपके काम की ये 8 चीजें, आज ही निपटा लें वरना...
5227 views



