BREAKING
बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 15 जून के मुख्य और ताजा समाचाररेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से भारत | आकाशवाणी न्यूज़ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद को मिली जमानत, खान सर कोचिंग विवाद में गए थे जेलExclusive: बिहार में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के करीबी की जमीन बचाने के लिए बदल दिया एक्सप्रेसवे का रूट?औरंगाबाद में पारा स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर का आज उद्घाटन, जानें क्या होंगी सुविधाएंभारत का फर्जी आधार कार्ड, म्यांमार की लड़की और हिंदू नाम से मुस्लिम युवक की फेसबुक लव स्टोरी, भारत-नेपाल सी...बिहार में 24 मीटर ऊंचा घर बनाने के लिए नक्शा जरुरी नहीं, फायर एनओसी से भी छूट; मसौदा तैयारनेपाल में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत पर बोले खान सर- मेरे पैरों तले जमीन खिसकीबिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, सभी प्रोफेसरों की होगी ट्रेनिंगBihar Monsoon Update: बिहार में मानसून की रफ्तार तेज, इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हालविकास के लिए सबकी सहभागिता जरूरीबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 15 जून के मुख्य और ताजा समाचाररेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से भारत | आकाशवाणी न्यूज़ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद को मिली जमानत, खान सर कोचिंग विवाद में गए थे जेलExclusive: बिहार में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के करीबी की जमीन बचाने के लिए बदल दिया एक्सप्रेसवे का रूट?औरंगाबाद में पारा स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर का आज उद्घाटन, जानें क्या होंगी सुविधाएंभारत का फर्जी आधार कार्ड, म्यांमार की लड़की और हिंदू नाम से मुस्लिम युवक की फेसबुक लव स्टोरी, भारत-नेपाल सी...बिहार में 24 मीटर ऊंचा घर बनाने के लिए नक्शा जरुरी नहीं, फायर एनओसी से भी छूट; मसौदा तैयारनेपाल में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत पर बोले खान सर- मेरे पैरों तले जमीन खिसकीबिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, सभी प्रोफेसरों की होगी ट्रेनिंगBihar Monsoon Update: बिहार में मानसून की रफ्तार तेज, इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हालविकास के लिए सबकी सहभागिता जरूरी
World

'आग से ज्ञान नहीं जलता, पूरा विश्व बनेगा गवाह', पीएम मोदी

Published: 19/6/2024, 5:25:28 pm147 viewsSeemanchal Live

'आग से ज्ञान नहीं जलता, पूरा विश्व बनेगा गवाह', पीएम मोदी नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने का अवसर मिला. नालंदा विश्वविद्यालय को मुगल आक्रमणकारियों ने जलाया था, लेकिन ज्ञान की आग को बुझाया नहीं जा

'आग से ज्ञान नहीं जलता, पूरा विश्व बनेगा गवाह', पीएम मोदी
'आग से ज्ञान नहीं जलता, पूरा विश्व बनेगा गवाह', पीएम मोदी नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने का अवसर मिला. नालंदा विश्वविद्यालय को मुगल आक्रमणकारियों ने जलाया था, लेकिन ज्ञान की आग को बुझाया नहीं जा सकता. देशभर में राजनीतिक हलचल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह वाराणसी से सीधे नालंदा पहुंचे. लोकसभा चुनाव के बाद यह उनका पहला बिहार दौरा है. इस दौरान वे 17 देशों के राजदूतों के साथ पहुंचे, उनके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी थे. प्रधानमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन किया. उनके साथ इस अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, और नालंदा विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर अरविंद पनगढ़िया भी उपस्थित थे.   नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन - 'एक ऐतिहासिक क्षण' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन करते हुए इसे अपना सौभाग्य बताया. उन्होंने कहा, ''नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन करना मेरे लिए गर्व की बात है. नालंदा विश्वविद्यालय को मुगल आक्रमणकारियों ने जलाया था, लेकिन ज्ञान की आग को बुझाया नहीं जा सकता. यह नया कैंपस विश्व को भारत की नई क्षमता का परिचय देगा. नालंदा यह बताएगा कि कैसे राष्ट्र अपने इतिहास को पुनर्जीवित कर बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है.'' वैश्विक संदर्भ में नालंदा विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के उद्घाटन के माध्यम से पूरी दुनिया को संदेश दिया. उन्होंने कहा, ''नालंदा केवल भारत के अतीत का पुनर्जागरण नहीं है, इसमें भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के कई देशों की विरासत जुड़ी हुई है. एक विश्वविद्यालय के उद्घाटन में इतने देशों के प्रतिनिधियों का शामिल होना अपने आप में अद्वितीय है. बिहार के लोगों को बधाई कि वे अपने गौरव को वापस लाने के लिए जिस तरह से विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, नालंदा का यह कैंपस उसी की प्रेरणा है.'' मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्वागत और आभार वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरे के लिए धन्यवाद किया. नीतीश ने कहा, ''माननीय प्रधानमंत्री पहली बार राजगीर आए हैं. मैं तहेदिल से उनका और बाकी सभी अतिथियों का स्वागत करता हूं. इस कार्यक्रम में आने से पहले माननीय प्रधानमंत्री जी ने पुराने नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर का भी भ्रमण किया है. आपने देखा होगा कि पुराने नालंदा विश्वविद्यालय का कैंपस कितना बड़ा था. इस विश्वविद्यालय से 20-25 किमी तक के गांव जुड़े हुए थे. अभी तो काफी कम ही खुदाई हुई है.'' नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्निर्माण की यात्रा आपको बता दें कि सीएम नीतीश ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्निर्माण की यात्रा के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ''12वीं सदी में नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया गया था. तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने 2006 में नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से स्थापित करने की बात कही थी. हमारे बिहार विधानमंडल में उन्होंने यह बात कही थी, तभी से हमने नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय बनाने की पहल शुरू की. उस समय की केंद्र सरकार (यूपीए) ने हमारी बात नहीं सुनी. तब बिहार सरकार ने खुद ही पहल कर 455 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया. बाद में जब केंद्र में मोदी जी की सरकार बनी तब जाकर हमें मदद मिली। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2016 में आकर नालंदा विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया.'' मुख्यमंत्री नीतीश की टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की सराहना करते हुए मजाकिया लहजे में कहा, ''हमको जब पता चला कि आप नालंदा आ रहे हैं तो हमको बड़ी खुशी हुई. आप चलिए आप त तीसरा बार फिर हइए हैं (तीसरी बार पीएम हैं), कोई दूसरा है क्या? बहुत अच्छा हमको लगा कि आप आ गए.'' इस पर प्रधानमंत्री मोदी हंसे और मुस्कुराए. नीतीश ने प्रधानमंत्री की तारीफ की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के लिए केंद्र को अपने काम को अंजाम तक पहुंचाना चाहिए. बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नालंदा दौरा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा. नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन भारत की समृद्ध शैक्षणिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस मौके पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की टिप्पणियों से स्पष्ट है कि नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्निर्माण केवल एक शैक्षणिक संस्थान की पुनर्स्थापना नहीं है, बल्कि यह भारत और एशिया के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने का प्रयास है.  

What do you think?

Leave a Comment

Related News

Trending News

Most Read