पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने विधान परिषद चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने तीन मौजूदा विधान परिषद सदस्यों को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि एक सीट पर नए उम्मीदवार को मौका दिया गया है।
बीजेपी की ओर से जारी सूची में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनके यादव, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।
इन आठ सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है।
कोसी स्नातक सीट पर एनके यादव फिर मैदान में
बीजेपी ने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा एमएलसी एनके यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है। कोसी क्षेत्र के लिहाज से यह सीट महत्वपूर्ण है और इसके अंतर्गत आने वाले स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे।
एनके यादव पहले से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पार्टी ने उन्हें दोबारा मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले में निरंतरता बनाए रखी है।
कोसी क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दे और युवाओं के लिए अवसर जैसे विषय चुनाव प्रचार के दौरान प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं।
दरभंगा स्नातक सीट पर सर्वेश कुमार
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने सर्वेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वह भी मौजूदा विधान परिषद सदस्य हैं और पार्टी ने उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने का अवसर दिया है।
दरभंगा स्नातक सीट का चुनाव केवल दरभंगा शहर तक सीमित नहीं है। इस निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
दरभंगा और आसपास के जिलों में उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे मतदाताओं के बीच चर्चा का हिस्सा रह सकते हैं।
पटना शिक्षक सीट से नवल किशोर यादव
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने नवल किशोर यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है। वह वर्तमान एमएलसी हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता मतदान नहीं करते। इसके लिए निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले और चुनावी मतदाता सूची में पंजीकृत शिक्षक मतदाता ही वोट करते हैं।
शिक्षकों की सेवा शर्तें, वेतन, पेंशन, पदोन्नति, नियुक्ति और शैक्षणिक संस्थानों की सुविधाएं ऐसे चुनावों में महत्वपूर्ण मुद्दे हो सकते हैं।
तिरहुत शिक्षक सीट से नरेंद्र कुमार सिंह
बीजेपी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट फिलहाल विपक्षी गठबंधन से जुड़े सीपीआई के संजय कुमार सिंह के पास है।
इस सीट पर बीजेपी ने नए उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यहां चुनावी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
तिरहुत क्षेत्र में शिक्षक मतदाताओं के बीच उम्मीदवारों का संपर्क अभियान और संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
जेडीयू पहले ही घोषित कर चुकी है चार उम्मीदवार
बीजेपी के चार उम्मीदवारों की घोषणा से पहले जेडीयू भी चार सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। दोनों दल बिहार में एनडीए के घटक हैं और आठ सीटों के चुनाव में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं।
जेडीयू ने पटना स्नातक, तिरहुत स्नातक, सारण शिक्षक और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है।
इस तरह एनडीए के दोनों प्रमुख दलों ने आठों निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट कर दी है।
जन सुराज और आरजेडी भी मैदान में
विधान परिषद चुनाव में केवल एनडीए ही नहीं बल्कि अन्य राजनीतिक दल भी सक्रिय हैं। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने सभी आठ सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आरजेडी भी छह सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और बाकी सीटों को लेकर प्रक्रिया जारी बताई गई है।
इससे चुनाव में कई राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
6 अक्टूबर तक नामांकन
विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।
इसके बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आएगी।
23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
कौन कर सकता है मतदान
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वही व्यक्ति मतदान कर सकता है जिसने भारत में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री कम से कम तीन वर्ष पहले प्राप्त की हो, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निवास करता हो और चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची में उसका नाम दर्ज हो।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालय, कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले पात्र शिक्षक, यदि वे संबंधित मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, मतदान कर सकते हैं।
इसलिए आम विधानसभा चुनाव की तुलना में इन चुनावों की मतदाता संरचना काफी अलग होती है।
अब चुनावी अभियान होगा तेज
बीजेपी के चार उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब उम्मीदवारों के नामांकन और प्रचार अभियान पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में मतदाताओं से संपर्क बढ़ाएंगे।
कोसी और दरभंगा स्नातक सीटों के कारण उत्तर बिहार और सीमांचल से जुड़े शिक्षित मतदाताओं के बीच भी इस चुनाव की चर्चा बढ़ सकती है।
अब देखना होगा कि नामांकन की अंतिम तारीख तक कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में आते हैं और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी मुद्दे किस रूप में सामने आते हैं।
23 अक्टूबर को होने वाला मतदान और 27 अक्टूबर की मतगणना इस चुनावी प्रक्रिया के अगले बड़े चरण होंगे।












