पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। मंगलवार 29 सितंबर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई और पहले ही दिन तीन उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया। चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में नामांकन के साथ मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
इन आठ सीटों में चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
पहले दिन तीन उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन तीन उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। इनमें आरजेडी के उम्मीदवार और पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन किया।
इसके अलावा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार लालू प्रसाद यादव और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार संजीव कुमार ने नामांकन दाखिल किया।
पहले दिन ही तीन उम्मीदवारों के मैदान में आने के बाद अब अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पर नजर है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर 2026 है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।
आठ सीटों पर होगा चुनाव
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल हैं।
इन निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता मतदान नहीं करते। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मतदाता सूची तैयार की जाती है और निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले मतदाता ही मतदान कर सकते हैं।
स्नातक मतदाताओं के लिए अलग नियम
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करने के लिए संबंधित व्यक्ति के पास मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ डिग्री प्राप्त किए हुए कम से कम तीन वर्ष पूरे होना जरूरी है और मतदाता संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
इसके अलावा संबंधित मतदाता का नाम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होना आवश्यक है।
इस कारण इन चुनावों में मतदाता सूची की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहती है। जो योग्य व्यक्ति मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं हैं, वे मतदान नहीं कर पाएंगे।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कौन करेगा मतदान
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची भी सामान्य मतदाता सूची से अलग होती है।
निर्धारित नियमों के अनुसार माध्यमिक विद्यालय, कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले पात्र शिक्षक मतदान कर सकते हैं, बशर्ते उनका नाम संबंधित शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हो।
इसलिए शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी अभियान के दौरान शिक्षकों की सेवा शर्तें, वेतन, पेंशन, नियुक्ति, पदोन्नति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चर्चा में रह सकते हैं।
बीजेपी और जेडीयू पहले ही घोषित कर चुके उम्मीदवार
बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों प्रमुख दल बीजेपी और जेडीयू अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं।
बीजेपी ने चार सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें पटना शिक्षक से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक से नरेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं।
जेडीयू ने भी चार सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। इसके अलावा जन सुराज समेत दूसरे राजनीतिक दलों ने भी अलग-अलग सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन उम्मीदवार अंतिम रूप से चुनाव मैदान में रहेंगे।
पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक चर्चा
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव में विशेष चर्चा में है। यहां जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जेडीयू नेता अनंत सिंह ने जन सुराज उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम को लेकर मामला जेडीयू नेतृत्व तक पहुंचने की खबर है।
यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में रिपोर्ट किया गया है। इसके आगे पार्टी की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
कोसी और दरभंगा सीट भी महत्वपूर्ण
कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक सीटें उत्तर बिहार के बड़े क्षेत्र से जुड़ी हैं। बीजेपी ने कोसी से डॉ. एनके यादव और दरभंगा से सर्वेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
कोसी क्षेत्र में उच्च शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे चुनावी अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं दरभंगा क्षेत्र में विश्वविद्यालय, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर उम्मीदवार मतदाताओं के बीच अपनी बात रख सकते हैं।
हालांकि किस मुद्दे को मतदाता कितना महत्व देते हैं, यह संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों और मतदाताओं के बीच होने वाले चुनावी संवाद से स्पष्ट होगा।
6 अक्टूबर तक नामांकन, 23 को मतदान
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।
अगले कुछ दिन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसी दौरान नामांकन दाखिल करने के साथ चुनावी अभियान भी तेज होगा।
अब नजर किस सीट पर किसका मुकाबला
पहले दिन तीन उम्मीदवारों के नामांकन के बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी, जन सुराज और अन्य दलों के उम्मीदवारों के नामांकन से मुकाबले की तस्वीर साफ होगी।
इसके साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार भी कई सीटों पर चुनाव मैदान में हैं। अंतिम सूची 9 अक्टूबर के बाद ही स्पष्ट होगी।
बिहार विधान परिषद के इन आठ चुनावों में आम मतदाताओं के बजाय विशेष रूप से पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता मतदान करेंगे। इसलिए उम्मीदवारों के सामने अपने निर्वाचन क्षेत्र के विशेष मतदाता समूह तक पहुंच बनाने की चुनौती होगी।
अब सबसे ज्यादा नजर 6 अक्टूबर तक होने वाले नामांकन और 9 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद सामने आने वाली अंतिम उम्मीदवार सूची पर रहेगी।












