पूर्णिया। बिहार के सीमांचल क्षेत्र में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में बदलाव की संभावना है। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के लोगों को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 27 अक्टूबर को जारी राज्यस्तरीय चेतावनी के मुताबिक, 28 अक्टूबर को गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। 29 और 30 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश तथा 31 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, जिलेवार स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है सावधानी?
अक्टूबर का समय कई किसानों के लिए फसल कटाई और उपज को सुरक्षित रखने का होता है। बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी फसल तथा खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम अनुकूल रहने पर पकी फसल की कटाई और भंडारण की तैयारी करें। खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकें और खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था रखें।
वज्रपात के दौरान क्या करें?
गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और पानी वाली जगहों से दूर रहें। संभव हो तो सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाएं। तेज बारिश में जलभराव वाले रास्तों से गुजरने और गैरजरूरी यात्रा से बचें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
सीमांचल के लोगों को आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए, ताकि खेती, यात्रा और रोजमर्रा के कामों की योजना समय रहते बनाई जा सके।
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