अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 5 नवम्बर के मुख्य और ताजा समाचारMadhubani Firing Case : 'बिहार में भी यूपी मॉडल की तरह हो एक्शन', मधुबनी गोलीकांड पर बोले तेजस्वी यादवदिल्ली से बिहार तक ट्रेन में सफर या सजा? जनरल कोच में जगह नहीं, स्लीपर में बैठने पर AC का जुर्मानाबिहार न्यूज: पुलिस टीम पर हमले से दरभंगा में हड़कंप, एएसआई को गोली मारकर फरार हुए बदमाशभारत-नेपाल सीमा अलर्ट: दीपावली-छठ पर बढ़ी चौकसी, बिना पहचान पत्र प्रवेश करने वालों को लौटायाDarbhanga News : दरभंगा में शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, ASI को मारी गोलीभारत-नेपाल सीमा पर 2.05 लाख भारतीय और 79 हजार नेपाली रुपये के साथ मवेशी व्यापारी गिरफ्तारBhagalpur News: लखीसराय : दो दिसंबर को जुटेंगे बिहार के दिव्यांगजन, अशोक धाम हॉल में होगा राज्यस्तरीय समारोहभारत-नेपाल बॉर्डर पर नेपाली मुद्रा के साथ व्यापारी अरेस्ट: एसएसबी को 2.05 लाख भारतीय और 79 हजार नेपाली रुपय...बिहार में क्यों मचा है बवाल? इधर MLC चुनाव के नतीजों पर JDU नाराज, उधर बहाली की जांच शुरूAraria News: डुमरिया में एसएसबी ने की 45 लीटर नेपाली शराब की बरामद।बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 5 नवम्बर के मुख्य और ताजा समाचारMadhubani Firing Case : 'बिहार में भी यूपी मॉडल की तरह हो एक्शन', मधुबनी गोलीकांड पर बोले तेजस्वी यादवदिल्ली से बिहार तक ट्रेन में सफर या सजा? जनरल कोच में जगह नहीं, स्लीपर में बैठने पर AC का जुर्मानाबिहार न्यूज: पुलिस टीम पर हमले से दरभंगा में हड़कंप, एएसआई को गोली मारकर फरार हुए बदमाशभारत-नेपाल सीमा अलर्ट: दीपावली-छठ पर बढ़ी चौकसी, बिना पहचान पत्र प्रवेश करने वालों को लौटायाDarbhanga News : दरभंगा में शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, ASI को मारी गोलीभारत-नेपाल सीमा पर 2.05 लाख भारतीय और 79 हजार नेपाली रुपये के साथ मवेशी व्यापारी गिरफ्तारBhagalpur News: लखीसराय : दो दिसंबर को जुटेंगे बिहार के दिव्यांगजन, अशोक धाम हॉल में होगा राज्यस्तरीय समारोहभारत-नेपाल बॉर्डर पर नेपाली मुद्रा के साथ व्यापारी अरेस्ट: एसएसबी को 2.05 लाख भारतीय और 79 हजार नेपाली रुपय...बिहार में क्यों मचा है बवाल? इधर MLC चुनाव के नतीजों पर JDU नाराज, उधर बहाली की जांच शुरूAraria News: डुमरिया में एसएसबी ने की 45 लीटर नेपाली शराब की बरामद।

Article Advertisement

Seemanchal

किशनगंज में स्कूल-कॉलेज के आसपास मनचलों पर पुलिस की नजर, छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम

किशनगंज। स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर किशनगंज पुलिस ने अब सख्ती बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के कई शिक्षण संस्थानों के आसपास…

किशनगंज में स्कूल-कॉलेज के आसपास मनचलों पर पुलिस की नजर, छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम

Article Advertisement

किशनगंज। स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर किशनगंज पुलिस ने अब सख्ती बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के कई शिक्षण संस्थानों के आसपास छात्राओं से छेड़छाड़ और उन्हें परेशान किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाएगी।

पुलिस की इस पहल का उद्देश्य स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। पुलिस ने ऐसे स्थानों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की है जहां छात्राओं को रास्ते में परेशान करने या मनचलों के जमावड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं।

स्कूल और कॉलेज के आसपास रहेगी विशेष नजर

किशनगंज शहर में गर्ल्स हाई स्कूल, बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महिला कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास पुलिस की विशेष नजर रहेगी।

इन इलाकों में स्कूल और कॉलेज खुलने तथा छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी और निगरानी बढ़ाई जा सकती है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे युवकों पर नजर रखना है जो शिक्षण संस्थानों के आसपास बिना किसी काम के घूमते हैं और छात्राओं को परेशान करते हैं।

छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने की तैयारी

छेड़छाड़ या किसी तरह की परेशानी का सामना करने वाली छात्राओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे डरकर चुप न रहें। पुलिस का प्रयास रहेगा कि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

किशनगंज जैसे शहर में बड़ी संख्या में छात्राएं रोजाना स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों तक आने-जाने के लिए सार्वजनिक रास्तों और परिवहन का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में रास्ते में सुरक्षा का सवाल सीधे तौर पर छात्राओं की पढ़ाई और उनके परिवारों की चिंता से जुड़ा हुआ है।

सिर्फ स्कूल परिसर में सुरक्षा काफी नहीं

छात्राओं की सुरक्षा केवल स्कूल या कॉलेज की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। शिक्षण संस्थान से घर तक का रास्ता भी सुरक्षित होना जरूरी है।

कई बार छात्राओं को शिक्षण संस्थान के बाहर, सड़क किनारे, बाजार या सुनसान रास्तों पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पुलिस की निगरानी केवल संस्थान के मुख्य गेट तक सीमित रखने के बजाय आसपास के रास्तों और संवेदनशील स्थानों तक बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

अभिभावकों की चिंता भी होगी कम

बेटियों को स्कूल और कॉलेज भेजते समय अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता उनकी सुरक्षा होती है। खासकर तब जब बेटी को रोजाना अकेले लंबी दूरी तय करनी पड़ती हो।

अगर शिक्षण संस्थानों के आसपास पुलिस की नियमित निगरानी रहती है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई होती है तो इससे छात्राओं के साथ-साथ उनके परिवारों का भरोसा भी बढ़ सकता है।

सोशल मीडिया और मोबाइल कैमरे का भी इस्तेमाल

आज के समय में किसी घटना का वीडियो या फोटो पुलिस जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है। हालांकि किसी छात्रा या नाबालिग से जुड़ी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना सही नहीं है।

अगर किसी व्यक्ति के सामने छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना होती है तो उसे वीडियो वायरल करने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए। पीड़ित की पहचान और निजता की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।

जमुई की घटना के बीच किशनगंज का कदम महत्वपूर्ण

बिहार के जमुई में नाबालिगों से कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो वायरल होने और पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे राज्य में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई है। ऐसे समय में किशनगंज पुलिस द्वारा स्कूल और कॉलेज के आसपास छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि केवल पुलिस की निगरानी से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। परिवार, शिक्षण संस्थान, स्थानीय प्रशासन और समाज को भी मिलकर सुरक्षित माहौल बनाने में भूमिका निभानी होगी।

अब असली सवाल कार्रवाई का

पुलिस की निगरानी और गश्त की घोषणा के बाद सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि इसका जमीन पर कितना प्रभाव दिखाई देता है। जिन स्थानों पर छात्राओं को नियमित रूप से परेशानी की शिकायत है, वहां पुलिस की मौजूदगी कितनी बढ़ती है और शिकायत मिलने के बाद कितनी तेजी से कार्रवाई होती है, यही इस पहल की वास्तविक परीक्षा होगी।

छात्राओं को भी अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना चाहिए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर परिवार, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।

आपकी राय

क्या स्कूल और कॉलेज के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की नियमित गश्त पर्याप्त है या सीसीटीवी, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और शिकायत के लिए अलग हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था भी जरूरी है?

अपनी राय कमेंट में बताएं।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read