किशनगंज। सीमांचल के किशनगंज जिले में पुलिस प्रशासन ने अपने ही विभाग के तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पाठमारी थाना क्षेत्र में मवेशी लदे एक ट्रक को रोकने और बाद में छोड़ने से जुड़े मामले की जांच के बाद थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में पाठमारी थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार 17 और 18 अगस्त 2026 की रात पाठमारी थाना क्षेत्र में ठाकुरगंज टोल प्लाजा के पास मवेशी लदे एक ट्रक को रोके जाने की सूचना सामने आई थी।
आरोप है कि ट्रक को रोकने से पहले, उसे रोकने के बाद और बाद में मुक्त किए जाने की जानकारी संबंधित वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि ट्रक में लदे मवेशियों से संबंधित आवश्यक जांच और सत्यापन नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार ट्रक के जरूरी कागजात भी प्राप्त नहीं किए गए।
इसके बाद ट्रक को कथित रूप से अवैध वसूली के बाद छोड़ दिए जाने का आरोप सामने आया। इन्हीं आरोपों की जांच के बाद पुलिस विभाग ने तीनों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
एसडीपीओ ने की पूरे मामले की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-द्वितीय मनोज कुमार सिंह को सौंपी थी।
जांच के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ संदिग्ध आचरण, स्वेच्छाचारिता, नैतिक अधमता और अन्य गंभीर आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
22 सितंबर को निलंबन
पुलिस विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार तीनों पुलिसकर्मियों को 22 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
साथ ही विभागीय जांच और प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर तीनों से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसका मतलब यह है कि निलंबन के बाद भी विभागीय प्रक्रिया जारी रहेगी और आगे की कार्रवाई जांच तथा संबंधित जवाब के आधार पर तय की जाएगी।
पशु तस्करी और इंट्री माफिया के आरोप
इस पूरे मामले में पशु तस्करी और इंट्री माफिया से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख सामने आया है।
हालांकि इन आरोपों की वास्तविक प्रकृति और किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर हुई है।
किशनगंज में पुलिस प्रशासन का बड़ा संदेश
इस कार्रवाई को किशनगंज पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कार्रवाई सीधे थाना स्तर के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हुई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार जांच में यदि कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीमांचल में क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला
किशनगंज बिहार का महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिला है। यहां पशु परिवहन, सीमा क्षेत्र की गतिविधियां और विभिन्न प्रकार की तस्करी से जुड़े मामलों पर पुलिस और प्रशासन की विशेष नजर रहती है।
ऐसे में किसी ट्रक को रोकने, उसकी जांच करने और फिर उसे छोड़ने की पूरी प्रक्रिया में नियमों का पालन होना महत्वपूर्ण है।
अगर किसी वाहन में पशु लदे हैं तो उनके कागजात, परिवहन की वैधता और संबंधित नियमों की जांच करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
अब आगे क्या होगा
तीनों पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद विभागीय जांच आगे बढ़ेगी। उनसे सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जांच में यदि आरोप साबित होते हैं तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
दूसरी तरफ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस यह स्पष्ट करे कि ट्रक में लदे मवेशियों से संबंधित दस्तावेज और परिवहन की वास्तविक स्थिति क्या थी तथा ट्रक को छोड़ने के मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है या नहीं।
फिलहाल किशनगंज पुलिस की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि विभागीय स्तर पर सामने आने वाली अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की जा रही है।
Seemanchal Live इस मामले में विभागीय जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए रखेगा।
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