कोच्चि, केरलम, 7 नवंबर 2026।
केरलम के कोच्चि में शनिवार को Cockroach Janta Party (CJP) के ‘Jantar Mantar at Kochi’ प्रदर्शन के दौरान पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को वापस लेने की मांग था।
दिपके ने अपने भाषण में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों, रूस से तेल खरीदने और कथित टैरिफ समझौते का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि CJP को भारत को अस्थिर करने के लिए विदेशी ताकतों द्वारा नियंत्रित किए जाने का आरोप लगाने वालों को सरकार के फैसलों पर भी सवाल उठाना चाहिए।
ट्रंप और रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत ने क्या निर्णय लिया और अमेरिका के साथ कथित व्यापार समझौते में भारत को 18 प्रतिशत टैरिफ का सामना करने तथा अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात क्यों कही जा रही है।
दिपके ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारत के हितों से समझौता किया है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि देश को अस्थिर करने के आरोप CJP पर लगाने के बजाय सरकार के फैसलों पर जवाब देना चाहिए।
दिपके के ये बयान राजनीतिक आरोप हैं। रूस से तेल खरीद और टैरिफ व्यवस्था से संबंधित उनके दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक समझौते और सरकारी बयान अलग से देखना आवश्यक है।
SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कोच्चि में आयोजित प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रद्द करने की मांग करना था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
CJP का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने की मांग की।
हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के संबंध में प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
मरीन ड्राइव से राजेंद्र मैदान तक निकला मार्च
प्रदर्शन में अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज सहित कई कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने हिस्सा लिया। मार्च कोच्चि के मरीन ड्राइव से शुरू होकर राजेंद्र मैदान तक पहुंचा, जहां सार्वजनिक सभा आयोजित की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में युवाओं, नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिकों की भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने SIR के खिलाफ नारे लगाए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
यह CJP का दिल्ली के बाहर दक्षिण भारत में एक प्रमुख सार्वजनिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
CJP ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभर में आंदोलन जारी रखने की बात कही
अभिजीत दिपके ने कहा कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर आंदोलन जारी रखेंगे, भले ही उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़े। उन्होंने चुनाव प्रणाली को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने की मांग दोहराई।
CJP का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच SIR पर बहस तेज
कोच्चि में आयोजित इस प्रदर्शन ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और केंद्र सरकार की विदेश नीति को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ SIR को रद्द करने की मांग प्रमुख रही। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।